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Saturday, February 4, 2023
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Ganoderma Mushroom Ki Kheti : गैनोडर्मा मशरूम की खेती

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ganoderma mushroom ki kheti: बहुत ही कम लोग गैनोडर्मा मशरूम की खेती (ganoderma mushroom ki kheti) के बारे में जानते हैं। गैनोडर्मा मशरूम कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसका सेवन कमजोरी दूर करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसके सेवन से उच्च रक्त चाप एवं एलर्जी जैसे समस्याओं में भी राहत मिलती है। औषधीय गुण के कारण गैनोडर्मा मशरूम (ganoderma mushroom) की मांग बढ़ने लगी है।

गैनोडर्मा मशरूम की खेती (ganoderma mushroom ki kheti) भारत के उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक की जाती है। इस मशरूम की खेती चीन में भी खूब होती है। अगर आप मशरूम की खेती अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो गैनोडर्मा मशरूम की खेती आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है।

तो आइए,ताजा खबर ऑनलाइन इस ब्लॉग में गैनोडर्मा मशरूम की खेती (ganoderma mushroom ki kheti) की पूरी जानकारी जानें।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे
गैनोडर्मा मशरूम की पहचान कैसे करें

गनोडरमा मशरूम की खेती कैसे करें

उपयुक्त जलवायु व तापमान

बिजाई का तरीका

तुड़ाई का तरीका

इस मशरूम में लगने वाले रोग

भंडारण कैसे करें

गैनोडर्मा मशरूम की खेती से आमदनी

गैनोडर्मा मशरूम की पहचान कैसे करें (How to Identify Ganoderma Mushrooms)
यह मशरूम अधिक नमी वाले घने जंगलों में पाए जाते हैं।

गनोडर्मा मशरुम (ganoderma mushroom) दिखने में चमकदार होते है।

इस मशरुम का रंग भूरा व गहरा लाल होता है।

ताजा गैनोडर्मा मशरूम गूदेदार होती है।

गेनोडर्मा सूखने पर यह कठोर हो जाता है।

गैनोडर्मा मशरूम की खेती कैसे करते है (ganoderma mushroom ki kheti kaise karen)

गैनोडर्मा मशरूम की खेती (ganoderma mushroom ki kheti) के लिए आपको बहुत बड़े जगह की जरूरत नहीं होनी चाहिए आप चाहे तो एक कमरे में मशरूम की खेती किया जा सकता हैं। जिसके लिए आपको उपयुक्त बीज और कंपोस्ट का चुनाव करना होगा।

गैनोडर्मा मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु की आवश्कता होती है ( keSuitable Climate for Ganoderma Mushroom Cultivation)

गैनोडर्मा मशरूम की खेती (ganoderma mushroom ki kheti) के लिए ठंडी मौसम उपयुक्त माना जाता है। इसकी खेती के लिए कमरे का तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए। जिससे मशरूम के अच्छे पैदावार मिल सकते है । बीज के अंकुरण के लिए 30 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान का होना आवश्यकता है।

बिजाई का तरीका क्या है

20 तैयार होने के बाद बीज को एक तिहाई गेहूं के भूसे या धान के चोकर से मिला देते है । भूसा है जो कमी लाने से पहले 24 घंटे उसे ठंडे पानी में भिगो देते है । उसके बाद सारा पानी उसमें से निचोड़ लेते है और उसमें उपयुक्त कंपोस्ट ऐसे कैलशियम कार्बोनेट मिलाकर एक कमरे में रख दे जहां पर हवा और रोशनी दोनों की ही आवागमन मात्रा होती रहे। समय-समय पर नमी की जांच भी करते रहे आप चाहे तो बिजाई के बाद अखबार या पतले कपड़े को भीगा कर उस से ढक सकते हो जिससे मशरूम में उपयुक्त नमी बनी रहेगी।

तुड़ाई का क्या तरीका है

चौड़ाई के लगभग 5 से 6 हफ्ते के बाद मशरूम निकलने की शुरुआत हो जाती है जब उसने से भूरे रंग की टोपी छत्ता दिखने लगे है तो आप समझ जाएंगे यह तोड़ने के लिए तैयार हो चुका है। जब मशरूम आप हाथ से घुमाकर तोड़ सकते हैं नहीं तो चाकू से भी काट कर भी निकाल सकते हैं ध्यान रहे कि चाकू में जंग ना लगे हो

गैनोडर्मा मशरूम में लगने वाले रोग क्या है (Diseases caused by Ganoderma mushroom)

फफूंद रोग किसी भी मशीन में फफूंद रोग का लगना आम बात नहीं है अगर मशरूम के किसी बैग में हरिया काली परत दिखाई दे तो समझ जाएगी की उस बैग में फफूंद रोग लग चुका है और उसे अन्य सभी प्लास्टिक बैग से दूर हटा देते है

इसके बाद कैल्शियम कार्बोनेट कीटनाशक का छिड़काव कर दें है । कभी-कभी कमरा ठंडा होने की वजह से चीटियां और कीड़े मकोड़े भी लग जाते हैं इसके लिए आप गंधक का छिड़काव भी सही समय पर करते रहें। ध्यान रहे कि कमरे में उपयुक्त रोशनी और हवा का आवागमन होना आवश्यक है । और मशरूम के सभी बैग में तीन चार जगह छेद कर दें।

मशरूम का भंडारण कैसे करते है

जहां तक भंडारण की बात है तो उड़ाई के 2 दिन तक आप बिना रेफ्रिजरेटर के ऐसे रख सकते हैं लेकिन अगर इससे ज्यादा आपको रखना है तो आपको रेफ्रिजरेटर का इस्तेमाल करना होगा ध्यान रहे कि यह मशरूम शुरुआत में कोमल और गूदेदार का होता है लेकिन सूखने के बाद यह कठोर हो जाता है तो आप चाहे तो इसे सुखाकर भी लंबे समय तक स्टोर कर ले

गैनोडर्मा मशरूम की खेती से आमदनी का होना (Income from Ganoderma Mushroom Cultivation)

गैनोडर्मा मशरूम की खेती (ganoderma mushroom ki kheti) में आमदनी में कमी का कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि यह मशरूम के मार्केट में हमेशा 4 हजार से 5 हजार रुपए प्रति किलो यह बिकता है। इसका उपयोग दवाई बनाने में भी खूब काम आता है।

इस तरह गैनोडर्मा मशरूम (ganoderma mushroom) की एक बार की बुआई में आप लाखों की कमाई कर सकते हो

ये तो थी गैनोडर्मा मशरूम की खेती कैसे करते है (ganoderma mushroom ki kheti kaise karen) की पूरी जानकारी। यदि आप इसी तरह कृषि, मशीनीकरण, सरकारी योजना, बिजनेस आइडिया और ग्रामीण विकास की जानकारी लेना चाहते हैं तो इस वेबसाइट की अन्य लेख जरूर पढ़ें और दूसरों तक भी पढ़ने के लिए शेयर करे

Resource : https://bit.ly/3WZSBlf

Team Taja
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